#गृह शांति उपाय ।






#गृह शांति उपाय ।
#ग्रहों की शांति के लिए सरल एवं अचूक उपाय प्रस्तुत हैं- ऋषि पाराशर प्रणीत ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उपाय बताए गए हैं।
1. #सूर्य ग्रहों का राजा है। इसलिए देवाधिदेव भगवान् विष्णु की अराधना से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। सूर्य को जल देना, गायत्री मंत्र का जप करना, रविवार का व्रत करना तथा रविवार को केवल मीठा भोजन करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। सूर्य का रत्न 'माणिक्य' धारण करना चाहिए परंतु यदि क्षमता न हो तो तांबे की अंगूठी में सूर्य देव का चिह्न बनवाकर दाहिने हाथ की अनामिका में धारण करें (रविवार के दिन) तथा साथ ही सूर्य के मंत्र का 108 बार जप करें।
ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
2. ग्रहों में #चंद्रमा को स्त्री स्वरूप माना है। भगवान शिव ने चंद्रमा को मस्तक पर धारण किया है। चंद्रमा के देवता भगवान शिव हैं। सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाएं व शिव चालीसा का पाठ करें। 16 सोमवार का व्रत करें तो चंद्रमा ग्रह द्वारा प्रदत्त कष्ट दूर होते हैं। रत्नों में मोती चांदी की अंगूठी में धारण कर सकते हैं। चंद्रमा के दान में दूध, चीनी, चावल, सफेद पुष्प, दही (सफेद वस्तुओं) का दान दिया जाता है तथा मंत्र जप भी कर सकते हैं।
ऊँ सों सोमाय नमः
3. जन्मकुंडली में #मंगल यदि अशुभ हो तो मंगलवार का व्रत करें, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ करें। मूंगा रत्न धारण करें या तांबे की अंगूठी बनवाकर उसमें हनुमान जी का चित्र अंकितकर मंगलवार को धारण कर सकते हैं। स्त्रियों को हनुमान जी की पूजा करना वर्जित बताया गया है। मंगल के दान में गुड़, तांबा, लाल चंदन, लाल फूल, फल एवं लाल वस्त्र का दान दें।
ऊँ अं अंगारकाय नमः
4. ग्रहों में #बुध युवराज है। बुध यदि अशुभ स्थिति में हो तो हरा वस्त्र न पहनें तथा भूलकर भी तोता न पालें। अन्यथा स्वास्थ्य खराब रह सकता है। बुध संबंधी दान में हरी मूंग, हरे फल, हरी सब्जी, हरा कपड़ा दान-दक्षिणा सहित दें व बीज मंत्र का जप करें।
ऊँ बुं बुधाय नमः
5. #गुरु : #गुरु का अर्थ ही महान है- सर्वाधिक अनुशासन, ईमानदार एवं कर्त्तव्यनिष्ठ। गुरु तो देव गुरु हैं। जिस जातक का गुरु निर्बल, वक्री, अस्त या पापी ग्रहों के साथ हो तो वह ब्रह्माजी की पूजा करें। केले के वृक्ष की पूजा एवं पीपल की पूजा करें। पीली वस्तुओं (बूंदी के लडडू, पीले वस्त्र, हल्दी, चने की दाल, पीले फल) आदि का दान दें। रत्नों में पुखराज सोने की अंगूठी में धारण कर सकते हैं व बृहस्पति के मंत्र का जप करते रहें।
ऊँ बृं #बृहस्पतये नमः
6. #शुक्र असुरों का गुरु, भोग-विलास, गृहस्थ एवं सुख का स्वामी है। शुक्र स्त्री जातक है तथा जन समाज का प्रतिनिधित्व करता है। जिन जातकों का शुक्र पीड़ित करता हो, उन्हें गाय को चारा, ज्वार खिलाना चाहिए एवं समाज सेवा करनी चाहिए। रत्नों में हीरा धारण करना चाहिए या बीज मंत्र का जप करें।
ऊँ शुं शुक्राय नमः
7. #सूर्य पुत्र #शनि, ग्रहों में न्यायाधीश है तथा न्याय सदैव कठोर ही होता है जिससे लोग शनि से भयभीत रहते हैं। शनि चाहे तो राजा को रंक तथा रंक को राजा बना देता है। शनि पीड़ा निवृत्ति हेतु महामृत्युंजय का जप, शिव आराधना करनी चाहिए। शनि के क्रोध से बचने के लिए काले उड़द, काले तिल, तेल एवं काले वस्त्र का दान दें। शनि के रत्न (नीलम) को धारण कर सकते हैं।
ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
8. #राहु की राक्षसी प्रवृत्ति है। इसे ड्रेगन्स हैड भी कहते हैं। राहु के दान में कंबल, लोहा, काले फूल, नारियल, कोयला एवं खोटे सिक्के आते हैं। नारियल को बहते जल में बहा देने से राहु शांत हो जाता है। राहु की महादशा या अंतर्दशा में राहु के मंत्र का जप करते रहें। गोमेद रत्न धारण करें।
ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।
9. #केतु राक्षसी मनोवृत्ति वाले राहु का निम्न भाग है। राहु शनि के साथ समानता रखता है एवं केतु मंगल के साथ। इसके आराध्य देव गणपति जी हैं। केतु के उपाय के लिए काले कुत्ते को शनिवार के दिन खाना खिलाना चाहिए। किसी मंदिर या धार्मिक स्थान में कंबल दान दें। रत्नों में लहसुनिया धारण करें।
ऊँ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः
दान मुहूर्त
1. #सूर्य का दान : ज्ञानी पंडित को रविवार दोपहर के समय।
2. #चंद्र का दान : सोमवार के दिन, पूर्णमासी या एकादशी को नवयौवना स्त्री को देना चाहिए।
3. #मंगल का दान : क्षत्रिय नवयुवक को दोपहर के समय।
4. #बुध का दान : किसी कन्या को बुधवार शाम के समय।
5. #गुरु का दान : ब्राह्मण, ज्योतिषी को प्रातः काल।
6. #शुक्र का दान : सायंकाल के समय नवयुवती को।
7. #शनि का दान : शनिवार को गरीब, अपाहिज को शाम के समय।
8. #राहु का दान : कोढ़ी को शाम के समय।
9. #केतु का दान : साधु को देना चाहिए।

#AVENTURINE



#AVENTURINE
#Aventurine is a form of #quartz, characterised by its translucency and the presence of platy[clarification needed] mineral inclusions that give a shimmering or glistening effect termed #aventurescence.
The most common colour of #aventurine is green, but it may also be orange, brown, yellow, blue, or gray. Chrome-bearing fuchsite (a variety of muscovite mica) is the classic inclusion, and gives a silvery green or blue sheen. Oranges and browns are attributed to hematite or goethite. Because aventurine is a rock, its physical properties vary: its specific gravity may lie between 2.64-2.69 and its hardness is somewhat lower than single-crystal quartz at around 6.5.
यह #क्रिस्टल कल्पना, साथ ही बुद्धि और मानसिक #स्पष्टता,#रचनात्मकता के सभी क्षेत्रों में लाभ प्राप्त करने के लिए है। यह #समृद्धि को बढ़ाता है और #कैरियर की सफलता लाता है। यह एक सौम्य पत्थर उर्जा कि शांत और संतुलन की भावना देता है और खुशी को बढ़ाता है। सभी स्थितियों में विकल्प और क्षमता को देखने के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण, साहस और आंतरिक शक्ति में भी यह मदद करता है । यह किस्मत लाने के लिए, विशेष रूप से मौका देता हैं। ग्रीन #Aventurine भी समृद्धि का एक रहस्यमय पत्थर है। किसी के जीवन के लिए दोस्ती लाने के लिए और यह संरक्षण ऊर्जा का भी एक पत्थर है। लोकगीत और आध्यात्मिक विद्या का कहना है कि शारीरिक रूप से यह रक्त, संचार प्रणाली के लिए फायदेमंद है, ब्लड प्रेशर, #साइनस की समस्याओं, उल्टी, सिर दर्द, सामान्य स्वास्थ्य, एलर्जी, एक्जिमा, बुखार, और नींद संबंधी विकार संतुलन। ध्यान दें कि #चिकित्सा #क्रिस्टल अर्थ उपचार के लिए आध्यात्मिक समर्थन कर रहे हैं और नुस्खे या स्वास्थ्य के बारे में जानकारी नहीं हैं।
यह #क्रिस्टल #हृदय  #चक्र के साथ जुड़ा हुआ है। इस तरह के नीले, आड़ू या लाल के रूप में #Aventurine के अलग अलग रंग, और इनके रंगों के अनुसार अतिरिक्त गुण होते हैं और रंग के अनुसार विभिन्न चक्रों से संबंधित हैं।

Introduction to Meaning and Uses of Clear Quartz




Introduction to Meaning and Uses of Clear Quartz
Ordinary yet extraordinary, colorful and clear, Quartz crystals are the most common and abundant in the world, comprising the largest and most diverse family in the mineral kingdom. "From ancient times to the present day, quartz crystals have been a source of Light to mankind. Highly valued by spiritual leaders and healers as well as scientists, the unique attributes of quartz have played a key role in mankind' evolutionary development." 
यह क्रिस्टल वास्तु दोष के निवारण के लिए , दक्षिण -पूर्व (south-east) जो शुक्र का प्रतिनिधित्व करता है , घर में स्त्रियों के लिए , स्त्री गृहस्थ सुख के लिए , धन के स्रोत्र बढ़ाने के लिए , आकर्षण के लिए , बातचीत व्यवहार के लिए , प्रजनन क्षमता , कामुकता पर कण्ट्रोल करके घर के वातावरण को खुशहाल समृद्ध बनाता है। यह प्रेम ,सोहाद्र,लक्ष्मि ,विलास,ऐश्वर्या का प्रतिक है ,
यह क्रिस्टल ध्यान योग मैं हृदय चक्र को उठता है और विशुद्ध चक्र की और गति करने में सहायक होता है। 
इसको घर में कैसे कहाँ उपयोग करें इसके लिए संपर्क करें 
आचार्य अनिल वर्मा 
9811715366 
www.astrologerinindia.co.in
www.aryaastrologer.com

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